Gurugram: एक्शन मोड में MCG, 24 घंटे में 174 सीवर और ड्रेनेज ढक्कन बदले
निर्देशों के बाद MCG की टीम ने युद्धस्तर पर काम शुरू किया और केवल 24 घंटों के भीतर 174 स्थानों पर क्षतिग्रस्त ढक्कनों को सफलतापूर्वक बदल दिया। यह त्वरित कार्रवाई निगम की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Gurugram News Network – नगर निगम गुरुग्राम (MCG) आयुक्त प्रदीप दहिया के कड़े निर्देशों और प्रभावी नेतृत्व का शहर में साफ असर दिख रहा है। निगम की टीम इस समय पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में है, जिसका नवीनतम उदाहरण सीवर और ड्रेनेज ढक्कनों की मरम्मत का विशेष अभियान है।
शनिवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि अगले तीन दिनों के भीतर सभी टूटे और जर्जर सीवर व ड्रेनेज ढक्कनों को बदलना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इन निर्देशों के बाद MCG की टीम ने युद्धस्तर पर काम शुरू किया और केवल 24 घंटों के भीतर 174 स्थानों पर क्षतिग्रस्त ढक्कनों को सफलतापूर्वक बदल दिया। यह त्वरित कार्रवाई निगम की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस अभियान में गुरुग्राम के नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सराहनीय रही। कई निवासियों ने सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से निगम को क्षतिग्रस्त ढक्कनों के बारे में सूचित किया, जिससे टीम को तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिली। निगम अधिकारियों ने बताया कि यह जनसहयोग अभियान को अधिक प्रभावी और तेज गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। नागरिकों और निगम के बीच यह तालमेल भविष्य में भी कई समस्याओं के समाधान में सहायक हो सकता है।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया स्वयं प्रत्येक कार्य की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। वे लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और सीधे फील्ड टीम से रिपोर्ट ले रहे हैं। उनकी इस सक्रिय कार्यशैली ने एमसीजी टीम की कार्यक्षमता और प्रतिबद्धता में उल्लेखनीय वृद्धि की है। सीवर ढक्कन मरम्मत अभियान के साथ-साथ, नालियों की सफाई, जलभराव की रोकथाम और सड़कों व फुटपाथों की मरम्मत जैसे अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित कार्यों पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
प्रदीप दहिया के अनुसार, “जनता की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। टूटे हुए ढक्कन न केवल असुविधा का कारण बनते हैं, बल्कि ये दुर्घटनाओं का सबब भी बन सकते हैं। इसलिए हमने तय किया है कि इस तरह की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।”
यह अभियान गुरुग्राम को एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो निगम की जनता-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है।











